भीड़ में घिरा था लाचार यात्री, जवानों ने दिखाया मानवीय चेहरा—वीडियो वायरल, हर तरफ हो रही सराहना
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कानपुर।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर उस वक्त इंसानियत की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। भीड़-भाड़ और अफरा-तफरी के बीच एक दिव्यांग यात्री, जिसके दोनों पैर नहीं थे, अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए जूझ रहा था। उसकी बेबसी और लाचारी को देखकर वहां तैनात आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों ने जो किया, वह अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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‘क्या मैं ट्रेन पकड़ पाऊंगा?’—लाचार यात्री की गुहार
सोमवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान एक दिव्यांग यात्री, जिसके दोनों पैर नहीं थे, अपनी ट्रेन तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहा था।
भीड़ के बीच घिरे उस यात्री ने कांपती आवाज में कहा—“साहब, मेरे पैर नहीं हैं, इतनी भीड़ है… क्या मैं ट्रेन पकड़ पाऊंगा?”
उसकी यह गुहार सुनते ही वहां मौजूद आरपीएफ जवानों का दिल पसीज गया।
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जवानों ने तुरंत संभाला मोर्चा
ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के जवानों ने बिना एक पल गंवाए स्थिति को समझा और तत्काल मदद के लिए आगे बढ़े। उन्होंने पहले भीड़ को नियंत्रित किया और फिर उस दिव्यांग यात्री को सहारा देते हुए अपनी गोद में उठा लिया।
जवानों ने पूरी सावधानी और सम्मान के साथ उसे भीड़ के बीच से निकालते हुए ट्रेन के कोच तक पहुंचाया।
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गोद में उठाकर सीट तक पहुँचाया
आरपीएफ जवानों ने सिर्फ प्लेटफॉर्म तक ही मदद नहीं की, बल्कि यात्री को सीधे उसके कोच के अंदर ले जाकर उसकी आवंटित सीट पर बैठाया।
उस समय यात्री की आंखों में कृतज्ञता के आंसू साफ झलक रहे थे। यह दृश्य वहां मौजूद अन्य यात्रियों के लिए भी बेहद भावुक कर देने वाला था।
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वीडियो हुआ वायरल, हर तरफ सराहना
इस पूरे घटनाक्रम को स्टेशन पर मौजूद कुछ यात्रियों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही लोग आरपीएफ जवानों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें ‘खाकी में फरिश्ता’ और ‘रियल हीरो’ कहकर सम्मान दे रहे हैं।
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खाकी के पीछे छुपी संवेदनशीलता आई सामने
अक्सर पुलिस और सुरक्षा बलों का सख्त और अनुशासित चेहरा ही लोगों के सामने आता है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि खाकी के भीतर संवेदनशीलता और मानवीय भावनाएं भी उतनी ही जीवित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों का भरोसा सुरक्षा बलों पर और मजबूत करते हैं।
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अधिकारियों ने भी की सराहना
आरपीएफ के उच्च अधिकारियों ने भी अपने जवानों के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि रेलवे सुरक्षा बल का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि यात्रियों की हर संभव सहायता करना भी है।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कार्य न केवल विभाग की छवि को मजबूत करते हैं, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करते हैं।
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मानवता की जीत, बढ़ा विभाग का मान
कानपुर सेंट्रल पर घटी यह घटना सिर्फ एक मदद नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण बन गई है।
आरपीएफ जवानों के इस छोटे से प्रयास ने एक जरूरतमंद की बड़ी समस्या को हल कर दिया और यह साबित कर दिया कि सच्ची सेवा वही है, जो जरूरत के वक्त बिना किसी स्वार्थ के की जाए।