होमगार्ड भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह का भंडाफोड़, लेक्चरर समेत तीन गिरफ्तार

BNSD इंटर कॉलेज में सेंधमारी की कोशिश फेल

कानपुर। शहर के प्रतिष्ठित परीक्षा केंद्र BNSD इंटर कॉलेज में शनिवार को पुलिस की सतर्कता ने होमगार्ड भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर हो रही नकल की साजिश को नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ, जिसमें कॉलेज का एक केमिस्ट्री लेक्चरर और दो कक्ष निरीक्षक (इन्विजिलेटर) शामिल पाए गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
25 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा की दूसरी पाली के दौरान केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मियों की नजर एक कक्ष निरीक्षक की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। वह बार-बार वॉशरूम की ओर जा रहा था और उसके हाव-भाव असामान्य लग रहे थे। शक के आधार पर पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली, जिसमें उसके पास से छिपाकर रखी गई प्रश्नपत्र बुकलेट बरामद हुई।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी निरीक्षक टूट गया और उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपी कक्ष निरीक्षक और कॉलेज के केमिस्ट्री लेक्चरर को भी गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कॉलेज परिसर के अंदर ही एक कमरे को इस अवैध गतिविधि के लिए तैयार किया था। उस कमरे में मोबाइल फोन, प्रिंटर और अन्य जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को बाहर निकालकर उसे हल किया जाता था और फिर उसकी कॉपियां तैयार कराई जाती थीं।
इस गिरोह की योजना बेहद सुनियोजित थी। जो अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहते थे, उनकी OMR शीट को खाली छोड़ने के बजाय आरोपी स्वयं भर देते थे, ताकि उन्हें पास कराया जा सके। इस तरह बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया में धांधली करने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कॉलेज का केमिस्ट्री लेक्चरर था, जिसने न केवल संसाधन उपलब्ध कराए बल्कि सुरक्षित स्थान भी मुहैया कराया, जहां बिना किसी शक के यह गतिविधियां चलाई जा सकें।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए थाना कर्नलगंज में तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों जैसे मोबाइल कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य डिजिटल डेटा की जांच कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। संभावना जताई जा रही है कि यह नेटवर्क और भी बड़े स्तर पर सक्रिय हो सकता है।
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि सतर्क पुलिसकर्मियों की सूझबूझ से एक बड़ी अनियमितता को समय रहते रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि यह साजिश सफल हो जाती, तो भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते थे।
उन्होंने आगे बताया कि इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस आयुक्त द्वारा संबंधित पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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