नई दिल्ली/भोपाल, 26 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के छोटे से कस्बे राजनांदगांव (बसंतपुर) से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले युवा हॉकी खिलाड़ी ओम कुमार यादव आज उन प्रतिभाओं में शामिल हो चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं। ओम यादव का चयन भारतीय हॉकी की शीर्ष संस्था Hockey India के अंडर-18 राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में हुआ है, जो इस समय Sports Authority of India Bhopal में चल रहा है। खास बात यह है कि इस कैंप में वह अपने राज्य छत्तीसगढ़ के इकलौते खिलाड़ी हैं, जो उनकी मेहनत और प्रतिभा का बड़ा प्रमाण है।
ओम यादव ने हाल ही में बिहार के राजगीर में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 (डिवीजन ‘बी’) में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह गोल दागे और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके तेज़ खेल, आक्रामक अंदाज़ और गोल करने की क्षमता ने उन्हें इस प्रतिष्ठित कैंप तक पहुंचाया।
ओम की हॉकी यात्रा बेहद साधारण लेकिन प्रेरणादायक है। उन्होंने महज छह साल की उम्र में हॉकी स्टिक थामी थी। उनके इस सफर की शुरुआत उनके बड़े भाई रिंकू यादव से प्रेरित होकर हुई, जो खुद हॉकी खेलते थे। उनके दूसरे भाई अर्जुन यादव भी खेल से जुड़े हुए हैं और इस समय लखनऊ के हॉकी एनसीओई में प्रशिक्षण ले रहे हैं। परिवार के इस खेल माहौल ने ओम के भीतर हॉकी के प्रति गहरा लगाव पैदा किया। ओम बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें हॉकी देखने और खेलने का शौक रहा और उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
युवा खिलाड़ी ओम यादव के आदर्श भारतीय हॉकी टीम के कप्तान Harmanpreet Singh हैं, जो दो बार ओलंपिक कांस्य पदक जीत चुके हैं। ओम कहते हैं कि हरमनप्रीत सिंह की खेल शैली, उनकी पासिंग, पोजिशनिंग और गोल करने की क्षमता उन्हें बेहद प्रेरित करती है। खासकर ड्रैग-फ्लिक में उनकी महारत ओम के लिए सीखने का बड़ा जरिया है।
राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए ओम ने बिलासपुर के खेलो इंडिया सेंटर में कड़ी मेहनत की, जहां उन्हें पूर्व ओलंपियन Ajit Lakra का मार्गदर्शन मिला। अजित लाकड़ा की देखरेख में उन्होंने अपनी तकनीक, फिटनेस और गेम सेंस को बेहतर बनाया। लगातार अभ्यास और समर्पण के दम पर उन्होंने खुद को इस स्तर के लिए तैयार किया।
भोपाल में चल रहे इस राष्ट्रीय कैंप में ओम यादव को भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी Sardar Singh के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने का मौका मिल रहा है। कैंप के शुरुआती पांच दिनों के अनुभव को साझा करते हुए ओम ने बताया कि सरदार सिंह जैसे महान खिलाड़ी से मिलना और उनसे सीखना उनके लिए बेहद खास है। कैंप में फिलहाल खिलाड़ियों को बेसिक्स पर फोकस कराया जा रहा है, साथ ही नई तकनीकों और रणनीतियों पर भी काम किया जा रहा है। सरदार सिंह खिलाड़ियों की गलतियों को सुधारने और उनके व्यक्तिगत खेल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
ओम यादव अब आगामी अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने के लक्ष्य के साथ तैयारी कर रहे हैं। यह टूर्नामेंट जापान के काकामिगहारा शहर में 29 मई से 6 जून तक आयोजित होगा। इसके अलावा भारतीय टीम का मुकाबला 11 से 21 मई के बीच ऑस्ट्रेलिया की अंडर-18 टीम से भी होगा, जो खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच साबित होगा।
ओम यादव का यह सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अब हॉकी का दायरा पारंपरिक राज्यों से निकलकर देश के हर कोने तक फैल रहा है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि अगर प्रतिभा के साथ मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी खिलाड़ी देश के लिए खेल सकता है।
अपने सपनों को लेकर ओम पूरी तरह केंद्रित हैं। वह अपनी पासिंग, स्पेस क्रिएशन और अटैकिंग मूव्स को और मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। उनका सपना एक दिन भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का नाम रोशन करना है। जिस तरह से वह लगातार आगे बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में ओम यादव भारतीय हॉकी का एक बड़ा नाम बन सकते हैं।