कानपुर के कल्याणपुर के केशवपुरम में सनसनीखेज वारदात, परिचित युवक निकला हत्यारा
कानपुर—शहर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम इलाके में दिनदहाड़े हुई महिला की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि परिवार का पूर्व परिचित युवक ही निकला, जिसने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
आवास विकास-1, केशवपुरम निवासी भारतीय विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रवक्ता हरेंद्र सिंह की 55 वर्षीय पत्नी निर्मला की हत्या लूट का विरोध करने पर कर दी गई थी। घटना के समय हरेंद्र सिंह दवा लेने मेडिकल स्टोर गए हुए थे। जब वह वापस लौटे तो घर का मंजर देख उनके होश उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मौके पर डीसीपी पश्चिम, एडीसीपी, एसीपी समेत भारी पुलिस बल पहुंचा और जांच शुरू की गई। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें नारंगी गमछा डाले एक संदिग्ध युवक घर में घुसते और कुछ देर बाद निकलते दिखाई दिया।
पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए नौकरानी सहित करीब एक दर्जन लोगों से पूछताछ की। इसके बाद रावतपुर क्षेत्र से आरोपी आर्यन उर्फ इशू श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 26 लाख रुपये कीमत की 153 ग्राम सोने की ज्वेलरी बरामद की है। यह ज्वेलरी तीन अलग-अलग स्थानों से मिली—कुछ उसके किराए के कमरे से, कुछ आवास विकास केसा के पीछे कूड़े के ढेर से और कुछ विजय नगर इलाके में छिपाई गई थी।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बीते पांच वर्षों से मृतका के घर के सामने स्थित पार्क के दूसरे छोर पर किराए पर रह रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात दंपती से कई बार हो चुकी थी और वह उनके घर आता-जाता भी था। इसी दौरान वह उनकी आर्थिक स्थिति और दिनचर्या से पूरी तरह वाकिफ हो गया था।
करीब एक माह पहले उसने लूट की योजना बनाई और मकान खाली कर रावतपुर में रहने लगा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। उसने पहले ही यह रेकी कर ली थी कि हरेंद्र सिंह घर से निकलने के बाद करीब एक घंटे तक वापस नहीं आते।
घटना वाले दिन भी वह पहले से पार्क में मौजूद था। जैसे ही हरेंद्र सिंह घर से निकले, आरोपी ने पतंग छत पर गिरने का बहाना बनाकर दरवाजा खुलवाया और अंदर घुस गया। लेकिन छत की ओर जाने के बजाय वह सीधे कमरे में पहुंचा और पीछे से निर्मला का गला दबा दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने तुलसी की माला से गला कसकर निर्मला की हत्या कर दी, ताकि वह जिंदा न बच सके और उसका विरोध खत्म हो जाए। हत्या के बाद उसने आराम से घर में रखी ज्वेलरी समेटी और मौके से फरार हो गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता था, लेकिन कम समय में अमीर बनने की चाहत ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया। इसके अलावा वह अपनी महिला मित्र की बढ़ती मांगों से भी परेशान था। उसी को पूरा करने के लिए उसने इस खौफनाक वारदात की साजिश रची।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे जेल भेजा जा रहा है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग परिचितों पर भी आसानी से भरोसा करने से बचने की बात कह रहे हैं।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराधी किस हद तक विश्वास का फायदा उठाकर जघन्य अपराधों को अंजाम दे सकते हैं।