कानपुर—विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर आयोजित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले गौ-गौरैया संरक्षण समिति के राष्ट्रीय संयोजक मनीष पांडेय को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ, जिसमें सेनानायक आईपीएस बीबी चौरसिया की विशेष उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बीबी चौरसिया ने मनीष पांडेय को उनके निःस्वार्थ सेवा भाव और गौरैया संरक्षण के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों के लिए संस्थान की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उनके कार्यों की खुले दिल से सराहना की गई।
पर्यावरण और पक्षी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मनीष पांडेय ने पुलिस मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों को विशेष रूप से तैयार किए गए पांच लकड़ी के घोंसले भेंट किए। ये घोंसले तेजी से लुप्त हो रही गौरैया के लिए सुरक्षित आश्रय और प्रजनन स्थल के रूप में सहायक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेनानायक बीबी चौरसिया ने कहा कि “मनीष पांडेय द्वारा चलाया जा रहा ‘गौरैया बचाओ, पर्यावरण बचाओ’ अभियान समाज में जागरूकता लाने के साथ-साथ इसे जमीनी स्तर पर लागू करने का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके इस प्रयास ने न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे वाहिनी परिवार को भी गौरैया संरक्षण के प्रति संवेदनशील और प्रेरित किया है।”
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वर में संकल्प लिया—
“एक सकोरा पानी और थोड़ा सा दाना, गौरैया को है फिर से हमारे आंगन में लौटाना।”
इस अवसर पर सूबेदार सैन्य सहायक रवेंद्र सिंह चौधरी, पीसी रामेंद्र सिंह, पीसी अनुज यादव, पीसी धर्मेंद्र यादव, हेड क्लर्क विनीत त्रिपाठी सहित वाहिनी के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल सम्मान का अवसर बना, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और गौरैया बचाने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दे गया।
गौरैया संरक्षण को मिला सम्मान: सेनानायक बीबी चौरसिया ने मनीष पांडेय को प्रशस्ति पत्र से नवाजा