कानपुर। शहर के बहुचर्चित अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। करीब चार साल पहले हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या की मुख्य आरोपी और मृतक की छोटी बहू, बैंक कर्मी रेखा वर्मा को कानपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े कई अनसुलझे रहस्यों के जल्द सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार रेखा वर्मा लंबे समय से फरार चल रही थी। सटीक सूचना मिलने पर कानपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने मुंबई में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले आई है। फिलहाल आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है, ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
जांच का केंद्र अब उस पूरी साजिश पर है जिसके तहत पेशे से वकील राजाराम वर्मा की हत्या की गई थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या रेखा वर्मा ने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया था या इसके पीछे परिवार के अन्य सदस्यों, किसी संगठित गिरोह या बाहरी व्यक्तियों की भी भूमिका रही है।
पूछताछ के दौरान रेखा वर्मा से मिलने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस उन लोगों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है, जो इस पूरे मामले में पर्दे के पीछे रहकर मदद कर रहे थे। जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से होने वाली पूछताछ हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में अहम साबित हो सकती है।
पुलिस हत्या के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और फोरेंसिक सबूतों को आरोपी के बयानों से जोड़कर भी जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ और चौंकाने वाली गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
गौरतलब है कि करीब चार साल पहले अधिवक्ता राजाराम वर्मा की निर्मम हत्या ने शहर में सनसनी फैला दी थी। उस समय से ही मृतक की छोटी बहू रेखा वर्मा को मुख्य संदिग्ध माना जा रहा था, जो घटना के बाद से फरार चल रही थी।
अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या यह हत्या संपत्ति विवाद के कारण की गई थी या इसके पीछे कोई और गहरी रंजिश थी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया जाएगा।
राजाराम वर्मा हत्याकांड में बड़ी गिरफ्तारी