महिला दिवस पर बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर सजी काव्य गोष्ठी, कविता-कहानी और गीतों से गूंजा माहौल

कानपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कानपुर मेट्रो की ओर से बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज में महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्ष और उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कविता, कहानी, किस्से, गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने स्टेशन के माहौल को पूरी तरह साहित्यिक और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। कार्यक्रम का आयोजन ‘इंकटेल्स’ संस्था के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ-साथ पुरुष प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
‘शो योर टैलेंट’ थीम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर लगभग दो बजे हुई। कार्यक्रम के दौरान ओपन माइक का मंच प्रतिभागियों के लिए खोला गया, जहां उन्होंने अपनी भावनाओं, अनुभवों और रचनात्मकता को कविता, गीत और किस्सों के माध्यम से प्रस्तुत किया। कई प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी शक्ति, मातृत्व, त्याग और समाज में महिलाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में युवा कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के जरिए श्रोताओं को भावुक भी किया और प्रेरित भी। युवा कवि अंकित ने अपनी पंक्तियों “ये मेरी मां की दुआओं का असर है, डूबता हूं तो दरिया उछाल देता है” सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं कवि नवीन ने “मां के सारे गहने बिक गए बच्चों को बड़ा बनाने में” सुनाकर मातृत्व के त्याग और समर्पण को बेहद मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया, जिस पर श्रोताओं ने जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
कवि विनय कुमार माधव ने “नारी तुम नारायणी हो” कविता के माध्यम से महिलाओं की शक्ति और गरिमा का वर्णन किया। कवयित्री अंकिता श्रीवास्तव ने “मैं अपनी जिंदगी की स्वयं चित्रकार हूं” सुनाकर महिलाओं की आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का संदेश दिया। वहीं कवयित्री तृप्ति ठाकुर ने “वो स्त्री है, उसे समझाना बहुत आसान है” जैसी संवेदनशील रचना प्रस्तुत कर समाज में महिलाओं की स्थिति पर विचार करने को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रस्तुत अन्य रचनाओं ने भी श्रोताओं का दिल जीत लिया। “पापा ऐसा वर ढूंढो जिसको औरत समझ में आए” और “कभी बेटी बनकर घर की रोशनी बनी” जैसी कविताओं ने महिलाओं के जीवन के विभिन्न पहलुओं को बेहद भावनात्मक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर अंतरा शर्मा, चांदनी, ऐश्वर्या सिंह, राज, रजत शुक्ला और शादाब सहित कई अन्य कवियों और कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में विशेष रंग भरा। कुछ प्रतिभागियों ने गीत और नृत्य की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया, जिससे उपस्थित दर्शक देर तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
कानपुर मेट्रो प्रशासन का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देना और लोगों को सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करना भी है। महिला दिवस जैसे अवसर पर इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां महिलाओं के सम्मान और उनकी उपलब्धियों को समाज के सामने लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कानपुर मेट्रो ने ‘शक्ति मेट्रो’ की भी शुरुआत की है। इस विशेष मेट्रो ट्रेन के भीतर महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्षों और प्रेरणादायक कहानियों को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं की उपलब्धियों को दर्शाया गया है, जिससे यात्रियों को प्रेरणा मिल सके।यह प्रदर्शनी एक सप्ताह तक चलेगी और मेट्रो में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी। इस दौरान महिलाओं से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम, संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, ताकि समाज में नारी सम्मान और समानता के संदेश को और अधिक मजबूत किया जा सके।
कानपुर मेट्रो के इस पहल की शहरवासियों ने सराहना की और इसे महिलाओं के सम्मान में एक सकारात्मक कदम बताया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

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