रोजगार योजना की समीक्षा

कानपुर देहात।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय, कानपुर देहात में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी कपिल सिंह ने की। बैठक में प्रशासन, विभिन्न विभागों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली।
समीक्षा बैठक में श्रम विभाग, उद्योग विभाग, एमएसएमई, नगर निकाय, विद्युत विभाग सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके साथ ही जिले के उद्योग प्रतिनिधि, व्यापार मंडल और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय कानपुर के अधिकारियों ने भी सहभागिता की, जिनमें क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II प्रतीश सिंह तथा प्रवर्तन अधिकारी वंदना पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने सभी संबंधित विभागों और औद्योगिक संगठनों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत पंजीकरण की संख्या को तेजी से बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी प्रतिष्ठान कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के दायरे में आते हैं, वे अनिवार्य रूप से पीएफ अंशदान (चालान) समय से जमा करें और निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो संस्थान पहले से नियमित रूप से पीएफ अंशदान कर रहे हैं, उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए सक्रिय रूप से प्रेरित किया जाए। बैठक में अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को कुल 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें प्रथम किश्त के रूप में 7,500 रुपये शीघ्र जारी किए जाने का प्रावधान है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य बताया गया। इसके साथ ही फेस ऑथेंटिकेशन आधारित डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया को भी पूरा करना आवश्यक होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन औपचारिकताओं के पूर्ण होने पर ही लाभार्थियों को समय से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सकेगी।

बैठक के दौरान ईपीएफओ अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत अधिक से अधिक कर्मचारियों का पंजीकरण कराएं और उन्हें योजना से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराएं। इससे न केवल कर्मचारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा और औपचारिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की भी उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से योजना के क्रियान्वयन की निगरानी कर रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से जिले में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा, श्रमिकों को आर्थिक संबल मिलेगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। बैठक के अंत में सभी विभागों और औद्योगिक संगठनों से समन्वय बनाकर कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।

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