कानपुर — कानपुर शहर की यातायात व्यवस्था को स्मार्ट, सुरक्षित और जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो के लिए कलर कोड स्टीकर और रूट निर्धारण को अनिवार्य कर दिया है। यह प्रक्रिया 25 फरवरी 2026 से शुरू होगी, जो सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) कार्यालय परिसर में सुबह 11:00 बजे से विशेष काउंटरों के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। वाहन स्वामियों को अपने नजदीकी थाने या एसीपी यातायात कार्यालय स्थित काउंटर पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट व फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के मूल दस्तावेजों के साथ पहुंचना होगा। काउंटर पर तैनात कर्मी सॉफ्टवेयर में विवरण दर्ज करेंगे, जिसके बाद कंप्यूटर सिस्टम वाहन स्वामी के पते के आधार पर संबंधित QR कोड युक्त कलर स्टीकर और नंबर स्वतः जनरेट करेगा, जिसे पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। यातायात पुलिस ने शहर को सात अलग-अलग कलर जोन में विभाजित किया है, जिसमें लाल जोन में कोतवाली, फीलखाना, मूलगंज, कलक्टरगंज, हरवंश मोहाल, बादशाही नाका, अनवरगंज, चमनगंज, रायपुरवा और बेकनगंज, हरा जोन में नौबस्ता, किदवई नगर, बाबूपुरवा, रेलबाजार और सेन पश्चिम (रामादेवी से नौबस्ता फ्लाईओवर के नीचे तक), धानी जोन में बर्रा, गुजैनी, हनुमंत विहार, जूही और गोविन्द नगर, नीला जोन में चकेरी, जाजमऊ और छावनी (रामादेवी से नौबस्ता फ्लाईओवर के नीचे तक), पीला जोन में कर्नलगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ, बजरिया और कोहना, बैंगनी जोन में कल्याणपुर, पनकी, अरमापुर, रावतपुर और गुलाबी जोन में काकादेव, स्वरूपनगर, नजीराबाद, फजलगंज और नवाबगंज शामिल हैं। इस व्यवस्था से QR कोड स्कैन करते ही चालक और वाहन की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा, रूट निर्धारित होने से सड़कों पर ई-रिक्शा का दबाव कम होगा, अवैध वाहनों पर रोक लगेगी, वैध चालकों को अधिक सवारियां मिलेंगी, जाम से राहत मिलने पर बैटरी की बचत होगी और वैध स्टीकर होने पर बार-बार कागजात जांच की परेशानी समाप्त होगी। यातायात पुलिस ने सभी चालकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे 9 मार्च 2026 तक अपने दस्तावेज दुरुस्त करा लें, इसके बाद बिना फिटनेस, बीमा या वैध स्टीकर के पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, वहीं किसी भी असुविधा या शिकायत के लिए ट्रैफिक मीडिया हेल्पलाइन नंबर 9305104387 पर संपर्क किया जा सकता है।
ई-रिक्शा और ई-ऑटो के लिए ‘कलर कोड’ अनिवार्य, 25 फरवरी से शुरू होगा स्टीकर आवंटन अभियान