कानपुर। शहर की सड़कों पर खाकी पहनकर रौब गांठने वाला एक शातिर युवक आखिरकार असली पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अनवरगंज थाना पुलिस ने खुद को दरोगा बताकर लोगों को धमकाने और धौंस जमाने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से पुलिस की पूरी वर्दी, फर्जी पिस्टल और एक संदिग्ध लग्जरी कार बरामद की गई है, जिस पर लखनऊ के एक पुलिस अधिकारी के नाम की नंबर प्लेट लगी हुई थी।
मिली जानकारी के अनुसार अनवरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसमंडी चौकी प्रभारी राहुल शुक्ला अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान पुलिस की वर्दी में घूम रहा एक युवक संदिग्ध अवस्था में नजर आया। उसकी चाल-ढाल और व्यवहार पर शक होने पर पुलिस ने उसे रोका और पहचान पत्र मांगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर युवक घबरा गया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।जांच में खुलासा हुआ कि वह कोई पुलिसकर्मी नहीं बल्कि एक जालसाज है, जो पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को दरोगा बताता था। गिरफ्तार युवक की पहचान संजय सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उन्नाव जनपद का निवासी है। वह काफी समय से कानपुर के अलग-अलग इलाकों में फर्जी दरोगा बनकर घूम रहा था और लोगों पर खाकी का रौब झाड़ रहा था।
पुलिस ने आरोपी के पास से पुलिस की पूरी वर्दी किट, एक लाइटरनुमा नकली पिस्टल (जो देखने में असली जैसी लगती है) और एक लग्जरी कार बरामद की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस कार का इस्तेमाल आरोपी कर रहा था, वह लखनऊ के एक पुलिस अधिकारी के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को यह कार और नंबर प्लेट कैसे मिली और कहीं वह इसका इस्तेमाल अवैध वसूली या किसी बड़ी आपराधिक साजिश में तो नहीं कर रहा था।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक खालिद खान, कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार, धर्मेंद्र तिवारी और अंकित चौधरी की अहम भूमिका रही। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को डराकर या धमकाकर ठगी की है।
पुलिस ने साफ कहा है कि खाकी वर्दी का दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फर्जी दरोगा गिरफ्तार, लखनऊ पुलिस अफसर की नंबर प्लेट लगी कार बरामद