लखनऊ/कानपुर। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। विधायक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके विधानसभा स्थित कार्यालय में मुलाकात कर कानपुर के चार प्रमुख अस्पतालों को आपस में जोड़ने के लिए एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कानपुर के हैलट अस्पताल, एलपीएस कार्डियोलॉजी संस्थान, जेके कैंसर संस्थान और चेस्ट हॉस्पिटल न केवल कानपुर बल्कि आसपास के 16–17 जनपदों के मरीजों के लिए जीवनरक्षक केंद्र हैं। इन अस्पतालों पर बढ़ते भरोसे का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जहां पहले इन संस्थानों की ओपीडी लगभग 500 मरीजों तक सीमित रहती थी, वहीं अब यह संख्या 5000 से अधिक हो चुकी है। विधायक ने मुख्यमंत्री का ध्यान एक गंभीर भौगोलिक समस्या की ओर आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि ये चारों अस्पताल वस्तुतः एक ही बड़े परिसर (कैंपस) का हिस्सा हैं, लेकिन उनके बीच ऊंची बाउंड्री वॉल और समुचित आंतरिक मार्ग के अभाव में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में सीधे पहुंचना संभव नहीं है। इस कारण गंभीर मरीजों को सड़क मार्ग से घुमाकर ले जाना पड़ता है, जहां आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार मरीज स्ट्रेचर या एंबुलेंस में ही फंस जाते हैं, जिससे कीमती समय नष्ट होता है और मानवता शर्मसार होती है।
सुरेंद्र मैथानी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन चारों प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को अंदर ही अंदर जोड़ने के लिए एक विशेष अंडरपास या आंतरिक कॉरिडोर का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि हजारों मरीजों और उनके परिजनों के जीवन से जुड़ा संवेदनशील विषय है। अंडरपास बनने से एंबुलेंस और स्ट्रेचर को निर्बाध और सुरक्षित मार्ग मिलेगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और असमय होने वाली मौतों पर प्रभावी रोक लगेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक की बातों को गंभीरता से सुना और प्रस्ताव को जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस विषय पर शीघ्र ही तकनीकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर अग्रिम प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने विश्वास जताया कि इस पहल के साकार होने से कानपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक नए स्तर पर पहुंचेगी और चारों अस्पताल वास्तव में एक समन्वित ‘मेडिकल कैंपस’ के रूप में कार्य कर सकेंगे।
चार बड़े अस्पतालों को जोड़ने की पहल, अंडरपास निर्माण की उठी मांग