कानपुर में लाखों–करोड़ों रुपये की ठगी और जालसाजी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। नवागंतुक थाना प्रभारी कमलेश राय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को उनकी पहली बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को रामलला मंदिर के पास से धर दबोचा।
व्यापारिक संबंधों की आड़ में ठगी
पुलिस के अनुसार पीड़ित युवक की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में दिलशाद निवासी मसवान को नामजद किया गया था। आरोप है कि आरोपी ने दुकान के माध्यम से व्यापारिक संबंध बनाए और विश्वास जीतकर अशोक वाटिका चौराहे स्थित मकान पर लोन करवाने का झांसा दिया। इसी प्रक्रिया में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
मेराजुद्दीन की भूमिका भी संदिग्ध
जांच के दौरान मेराजुद्दीन नाम के व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस का मानना है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित नेटवर्क के तहत अंजाम दी गई ठगी है। दोनों आरोपियों के बीच लेन-देन और संपर्कों की जांच की जा रही है।
पुराने कारनामों की खंगाली जा रही फाइलें
सूत्रों के मुताबिक दिलशाद पहले भी कई धोखाधड़ी के मामलों में सक्रिय रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने किन-किन लोगों को इसी तरह निशाना बनाया। अन्य संभावित साथियों की तलाश में भी दबिश दी जा रही है।
नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा
पुलिस का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ठगी और जालसाजी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।