कानपुर—नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को आयोजित सीएम-ग्रिड्स योजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण की समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय का सख्त और स्पष्ट रुख देखने को मिला। शहर में चल रहे विकास कार्यों की धीमी गति, आपसी समन्वय की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक के दौरान दो कार्यदायी फर्मों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, वहीं जल निगम और मेट्रो के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने की कड़ी चेतावनी दी गई।
मदवार समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त ने पाया कि सीएम-ग्रिड्स योजना के अंतर्गत कई प्रमुख मार्गों पर कार्य बेहद सुस्त गति से चल रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घंटाघर से परेड (ग्रीन पार्क) मार्ग पर कार्य कर रही फर्म मे. कोनार्क एसोसिएट्स की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं बाबा कुटी से अलंकार गेस्ट हाउस तक कार्य कर रही मे. एस.एस. इन्फ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड को न केवल धीमी प्रगति बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी के चलते नोटिस थमाया गया।
नगर आयुक्त ने प्रथम चरण में सीवर और जलापूर्ति लाइन के अधूरे कार्यों पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिना बुनियादी कार्य पूरे किए सड़क निर्माण करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इस पर जल निगम के अधीक्षण अभियंता ने आश्वासन दिया कि मार्च 2026 तक सीवर और जलापूर्ति से जुड़े सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।
बैठक में केस्को को भी निर्देशित किया गया कि स्वरूप नगर से मटका तिराहा के बीच फुटपाथ पर रखे गए ट्रांसफार्मरों को तत्काल हटाया जाए, ताकि पैदल यात्रियों को हो रही असुविधा समाप्त की जा सके। इसके अलावा मेट्रो निर्माण के दौरान रावतपुर से कंपनी बाग तक क्षतिग्रस्त हुई सड़क को लेकर नगर आयुक्त ने मेट्रो और जल निगम को संयुक्त निरीक्षण कर शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
देवकी चौराहा के पास मेट्रो कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुए नाले और जल निकासी व्यवस्था पर भी नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मेट्रो अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर नाले की सफाई (डिसिल्टिंग) कर जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए।
काम में ढिलाई पर नगर आयुक्त सख्त, दो फर्मों को नोटिस