कानपुर।
एस.जे. महाविद्यालय में विश्व आद्रभूमि दिवस (वर्ल्ड वेटलैंड डे) के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, भूमि संरक्षण, नदियों एवं तालाबों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केएलसी इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, उन्नाव के तकनीकी निदेशक शिशिर अवस्थी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि शिशिर अवस्थी ने आद्रभूमियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैव विविधता संरक्षण, जल संतुलन बनाए रखने और जलवायु नियंत्रण में आद्रभूमियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महाविद्यालय के छात्रों से पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर उसके संरक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया।
सेमिनार के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को विश्व आद्रभूमि दिवस के महत्व से अवगत कराया गया। इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश सरकार “वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड” योजना के अंतर्गत आद्रभूमियों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में विश्व स्तर की संस्था डब्लू डब्लू एफ (WWF) के सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर उमेश चंद्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से पीपीटी प्रेजेंटेशन एवं वीडियो द्वारा तालाबों और नदियों को सुरक्षित रखने, वॉटर फुटप्रिंट की अवधारणा के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल संचयन के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उमेश चंद्रा ने बताया कि विश्व आद्रभूमि दिवस 7 फरवरी तक मनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इस विषय में जागरूक किया जा सके।
इसके पश्चात डब्लू डब्लू एफ से डॉ. आंचल मित्तल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से भविष्य में पीने योग्य पानी को बचाने के प्रभावी तरीकों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार सिंह ने डब्लू डब्लू एफ संस्था का इस महत्वपूर्ण विषय पर पांच दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
इस अवसर पर आर.एस. शर्मा, डॉ. आशीष वर्मा सहित महाविद्यालय के प्रोफेसर, अध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
एस.जे. महाविद्यालय में विश्व आद्रभूमि दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ