कानपुर।
कानपुर नगर अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक घटनाओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां की होली परंपरा और उत्सव पूरे भारत में अपनी अलग पहचान रखते हैं। शहर में होली का उत्सव केवल रंग खेलने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि होलिका दहन, होली खेलना और हटिया होली गंगा मेला जैसे आयोजन इसे लंबा और भव्य बनाते हैं।जानकारी के अनुसार, इस वर्ष 02 मार्च 2026 को सोमवार को होलिका दहन होगा, जबकि 04 मार्च को होली खेली जाएगी। इसके अलावा 03 मार्च को चंद्रग्रहण होने जा रहा है, जिसे देखते हुए भी उत्सव की तैयारियों में विशेष ध्यान रखा जा रहा है।कानपुर की होली का उत्सव पूरे देश में अपनी विशेषता के लिए जाना जाता है, क्योंकि यहां होली से लेकर हटिया होली मेला और गंगा मेला तक होली का उल्लास लगातार चलता है। प्राचीन परंपरा के अनुसार, इस बार मेला अनुराधा नक्षत्र में मनाया जाएगा। यह नक्षत्र 10 मार्च 2026 के प्रातः से पूरे दिन रहेगा।
हटिया रज्जन पार्क में आयोजित बैठक में इस निर्णय पर अंतिम मुहर लगी। बैठक में मूलचंद्र सेठ (संरक्षक), ज्ञानेन्द्र विश्नोई (अध्यक्ष), विनय सिंह (महामंत्री), रोहित बाजपेई, सुशील सिंह, ऋषि तिवारी, सन्तोष बाजपेई और शशांक सिंह उपस्थित थे। बैठक में शहर की पारंपरिक परंपराओं, मेलों के आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था और मेले की भव्यता पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में तय किया गया कि हटिया होली गंगा मेला 10 मार्च, मंगलवार को आयोजित किया जाएगा और इसका आयोजन प्राचीन परंपरा के अनुसार किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि मेले में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आगंतुकों के लिए सुविधाओं का विशेष इंतजाम किया जाएगा।
मेलों में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक खेल और विभिन्न मनोरंजन गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह मेला न केवल बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा, बल्कि पूरे परिवार और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी आनंद और उत्साह का अवसर प्रदान करेगा।
इस अवसर पर आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की कि वे मेलों में आने वाले लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन और पुलिस बल भी पूरे मेले में तैनात रहेंगे, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे और सभी आगंतुकों को सुरक्षित एवं आरामदायक अनुभव प्राप्त हो।
हटिया होली गंगा मेला कानपुर की प्राचीन और समृद्ध परंपराओं को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और समुदाय के सामाजिक मेलजोल को भी बढ़ावा देता है।
कानपुर में हटिया होली गंगा मेला 10 मार्च को आयोजित होगा, बैठक में लिया गया निर्णय