कानपुर।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा प्रथम वर्ष एम.एस. रेजिडेंट्स के लिए प्रसूति उपरांत रक्तस्राव (PPH) प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में PPH ड्रिल का व्यावहारिक सत्र भी शामिल था, जिससे रेजिडेंट्स को वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित, सही और प्रभावी प्रबंधन का अनुभव प्राप्त हुआ।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रेजिडेंट्स को PPH की समय पर पहचान, जोखिम मूल्यांकन और चरणबद्ध प्रबंधन के साथ-साथ दवाओं के उपयोग, रक्त और रक्त उत्पाद प्रबंधन तथा आवश्यक शल्य हस्तक्षेप में दक्ष बनाना था। वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने प्रशिक्षण दिया और टीम-आधारित समन्वय और संचार कौशल पर विशेष बल दिया।
भारत में PPH के आंकड़े:
PPH मातृ मृत्यु का प्रमुख कारण है, देश में लगभग 20% मातृ मृत्यु PPH के कारण होती है।
प्रति वर्ष अनुमानित 12,000 महिलाएं PPH के कारण मृत्यु को प्राप्त होती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार, भारत में PPH मातृ मृत्यु का लगभग 30–38% कारण है।
साधारण प्रसव में PPH की दर 2–4% और सीज़रियन में 6% पाई जाती है, विशेषकर ग्रामीण और उच्च जोखिम वाली आबादी में।
विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि इस प्रशिक्षण से युवा चिकित्सकों की प्रैक्टिकल दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम-आधारित कार्यवाही में सुधार होगा, जिससे PPH से जुड़ी मातृ मृत्यु और जटिलताओं में कमी आएगी। विभाग का लक्ष्य नियमित रूप से कौशल-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष एम.एस. रेजिडेंट्स के लिए PPH प्रशिक्षण एवं ड्रिल का आयोजन