कानपुर।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आगामी 27 जनवरी को देशभर में बैंकिंग क्षेत्र की राष्ट्रव्यापी हड़ताल होने जा रही है। इस हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक सहित 11 सरकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और को-ऑपरेटिव बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल होंगे। हड़ताल और उससे पहले पड़ने वाले अवकाशों के कारण 24 से 27 जनवरी तक लगातार चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहने की आशंका है।
यूपी बैंक इम्प्लॉइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता एवं संयुक्त मंत्री अंकुर द्विवेदी ने बताया कि यूनाइटेड फोरम ने बैंक संघ, वित्त मंत्रालय और मुख्य श्रमायुक्त को हड़ताल का विधिवत नोटिस सौंप दिया है। बैंक कर्मियों की प्रमुख मांग बैंकिंग इंडस्ट्री में 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की है। यूनियन का कहना है कि केंद्र सरकार सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करे, जैसा कि अन्य सरकारी विभागों में लागू है।
पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल सोनकर एवं पूर्व मंत्री पंधारी लाल वर्मा ने बताया कि अवकाशों और हड़ताल के चलते आम जनता को वित्तीय लेनदेन में भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है। बैंकों के बंद रहने का क्रम इस प्रकार है—
24 जनवरी: माह का चौथा शनिवार (अवकाश)
25 जनवरी: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)
26 जनवरी: गणतंत्र दिवस (राष्ट्रीय अवकाश)
27 जनवरी: राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल
इस प्रकार चार दिनों तक बैंक नहीं खुलेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस लंबी बंदी से चेक क्लीयरेंस बाधित होगी और कई स्थानों पर एटीएम में नकदी की किल्लत भी देखने को मिल सकती है। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि बढ़ते कार्यभार और स्टाफ की कमी के बावजूद बैंक कर्मचारी लंबे समय से 5 दिवसीय सप्ताह की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। यूनाइटेड फोरम ने चेतावनी दी है कि यदि 27 जनवरी से पहले मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को आगे और तेज एवं व्यापक किया जाएगा।
27 जनवरी को बैंक कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, चार दिन ठप रहेंगी बैंकिंग सेवाएं