नगर निगम का ₹777 करोड़ का लक्ष्य, अब तक मात्र ₹236 करोड़ की वसूली; रेलवे पर ₹175 करोड़ का सबसे बड़ा बकाया
कानपुर-नगर निगम के राजस्व वसूली में धीमी गति पर चिंता जताते हुए महापौर प्रमिला पाण्डेय ने शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित समिति कक्ष में एक उच्च-स्तरीय बैठक की महापौर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक उपस्थित रहे महापौर ने राजस्व वसूली में तेजी लाने और वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले लक्ष्य हासिल करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए बैठक में राजस्व वसूली की वर्तमान स्थिति के बारे में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरूद्ध सिंह ने जानकारी दी उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के लिए निगम का राजस्व वसूली का लक्ष्य ₹777 करोड़ निर्धारित किया गया है, जिसके मुकाबले अब तक ₹236 करोड़ की वसूली हो चुकी है बड़े बकायेदारों के संबंध में सिंह ने अवगत कराया कि भारतीय रेलवे पर नगर निगम का सबसे बड़ा बकाया है, जो कि ₹175 करोड़ है उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष रक्षा मंत्रालय से राजस्व की प्राप्ति हुई है बैठक के दौरान महापौर के प्रमुख निर्देश दिए उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र चार माह शेष हैं, इसलिए वसूली कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए, जीआईएस सर्वे के उपरांत वार्डवार यह सूचना तैयार कर उपलब्ध कराई जाए कि सर्वे के बाद कितना टैक्स बढ़ा और संशोधन के उपरांत कितना कम किया गया, राजस्व वसूली की अद्यतन जानकारी प्रत्येक 15 दिन में महापौर को उपलब्ध कराई जाए, जिन लोगों ने अपने प्लॉट को मौरंग, गिट्टी व निर्माण सामग्री के भंडारण या किराए पर दिया है, उनसे कमर्शियल टैक्स वसूला जाए, बड़े और सरकारी बकायेदारों से वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए अवैध निर्माण और नए भवनों पर फोकस, महापौर ने कर निर्धारण में विसंगतियों को दूर करने के लिए विशेष निर्देश दिए जोन-1 का निरीक्षण: जोन-1 क्षेत्र में गलियों के अंदर कई मंजिल के मकान बन गए हैं, जिनका तत्काल निरीक्षण कर सही कर निर्धारण किया जाए, सोसाइटी क्षेत्रों में बने नए मकानों और आईआईटी के आगे बन रहे फ्लैटों का मौके पर निरीक्षण कर उचित कर निर्धारण कराया जाए इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, अपर नगर आयुक्त मोहम्मद अवेश, जगदीश यादव, अनूप कुमार बाजपेयी, जोनल अधिकारी विजय कुमार सिंह (जोन-2), धु्रव नारायण यादव (जोन-3), राजेश सिंह (जोन-4), अनुपम त्रिपाठी (जोन-5) एवं अन्य कर अधीक्षक भी उपस्थित रहे।