कानपुर।
महिला महाविद्यालय प्रेक्षागार में भारतीय ज्ञान परंपरा वैभवशाली अतीत एवं उज्ज्वल भविष्य पर महिला महाविद्यालय किदवई नगर कानपुर के तत्वावधान में इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो अमित भारद्वाज सम्मानित अतिथि प्रो. विनय कुमार पाठक श्रीमती कुमकुम स्वरूप राजेश द्विवेदी विवेक द्विवेदी गौरवेंद्र स्वरूप श्रीमती अनंता स्वरूप अंजू चौधरी मुख्य वक्ता प्रो हिमांशु चतुर्वेदी विग्नेश त्यागी एके सिंह डॉ अनामिका वर्मा के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत की मनोरम प्रस्तुति दी। प्राचार्या प्रो अंजू चौधरी ने अपने स्वागत वक्तव्य में संगोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्ध जनों तथा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बहु आयामी भारतीय ज्ञान परंपरा न केवल अतीत की बल्कि वर्तमान की भी अमूल्य निधि है। मुख्य अतिथि प्रो अमित भारद्वाज ने कहा कि भगवतगीता आध्यात्मिक एवं दार्शनिक सूझ के साथ ही वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक बुद्धिमत्ता से युक्त है। द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या प्रो. नवीन मोहिनी निगम के द्वारा की गई। इस मौके पर ममता गंगवार प्रतिभा श्रीवास्तव ममता दीक्षित संगीता सितानी साधना पांडे वंदना शर्मा प्रज्ञा श्रीवास्तव रश्मि चतुर्वेदी, प्रो. मनीषा शुक्ला डॉ निशात फातिमा डॉ निशी सिंह तथा प्रेस प्रभारी डॉ सबा युनूस एवं डॉ मधु गुप्ता मौजूद रहे।
महिला महाविद्यालय दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित