कानपुर।
जनपद कानपुर नगर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। आज दिनांक 08 नवंबर 2025 को अधोहस्ताक्षरी मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंसठी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी अनुपस्थित पाए गए तथा केंद्र पर कोई भी चिकित्साधिकारी उपस्थित नहीं था। नवंबर 2025 माह की उपस्थित पंजिका में चिकित्साधिकारी का नाम तक अंकित नहीं पाया गया। चिकित्सालय परिसर में अत्यधिक गंदगी व्याप्त थी और सफाई व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित मिली। निरीक्षण के दौरान ग्राम बंसठी के प्रधान एवं ग्रामवासियों ने सीएमओ को बताया कि फार्मेसिस्ट एवं लैब टेक्नीशियन तो कभी-कभी आते हैं, लेकिन डॉ. प्रियंका कनौजिया और वार्ड ब्वॉय केवल महीने में एक बार आते हैं और पूरे महीने की उपस्थिति दर्ज कर देते हैं। यह भी पाया गया कि चिकित्साधिकारी का कोई ओपीडी रजिस्टर उपलब्ध नहीं था, केवल फार्मेसिस्ट द्वारा संचालित ओपीडी रजिस्टर ही दिखाया गया। इसके अलावा केंद्र की बाउंड्री दीवार टूटी हुई मिली। इस पर सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि टूटी हुई बाउंड्री की मरम्मत हेतु स्टीमेट बनाकर शीघ्र मुख्यालय में उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण में अनुपस्थित कर्मियों का विवरण भी दर्ज किया गया जिसमें नियमित श्रेणी के अंतर्गत 01 चिकित्सक तथा संविदा श्रेणी में 02 कर्मी अनुपस्थित पाए गए। इसके उपरांत अपराह्न 01:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौबेपुर का भी निरीक्षण किया गया। यहाँ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. यशोवर्धन सिंह उपस्थित मिले, किंतु चिकित्सालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण में अनुपस्थित कर्मियों की सूची के अनुसार नियमित वर्ग के कुल 8 कर्मी (1 चिकित्सक एवं 7 अन्य) तथा संविदा वर्ग के कुल 7 कर्मी (5 चिकित्सक एवं 2 अन्य) अनुपस्थित पाए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि सभी अनुपस्थित चिकित्सकों और कर्मियों का अनुपस्थित दिवस का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका जाएगा। साथ ही प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यशोवर्धन सिंह को निर्देशित किया गया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई समस्त अनियमितताओं एवं कमियों का निराकरण तीन दिवस के भीतर सुनिश्चित कर बिंदुवार स्पष्ट आख्या अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराई जाए। सीएमओ ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपस्थिति और सेवा गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में यदि ऐसी लापरवाही पुनः पाई गई तो संबंधित चिकित्साधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित संचालन, साफ-सफाई एवं मरीजों को समय पर उपचार मिलना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं।
उक्त निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सा अधीक्षक को समस्त खामियों के निवारण हेतु तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।