हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया यूपी मेट्रो स्टॉल का दौरा, लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं की सराहना
गुरुग्राम।
शहरी परिवहन में नई तकनीक, आधुनिक प्रबंधन और पर्यावरण–अनुकूल समाधान को लेकर अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2025 का आयोजन गुरुग्राम में 7 से 9 नवंबर तक किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) ने अपनी मजबूत और प्रभावशाली भागीदारी दर्ज कराते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया।
सम्मेलन के दूसरे दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यूपीएमआरसी के प्रदर्शनी स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान निदेशक (रोलिंग स्टॉक एवं सिस्टम) श्री नवीन कुमार ने मुख्यमंत्री को लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति, विशेषताओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यूपीएमआरसी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अत्यंत कुशल, समयबद्ध और गुणवत्ता आधारित कार्यशैली के माध्यम से देशभर में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यूपीएमआरसी की परियोजनाओं ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में शहरी परिवहन को एक नई दिशा और पहचान दी है।
विदित हो कि यूएमआई कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां देश-विदेश की अग्रणी कंपनियां, नीति निर्माता और विशेषज्ञ शहरी गतिशीलता से जुड़े नवाचार, तकनीकी समाधानों और विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श करते हैं।
सम्मेलन के पहले दिन केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया था। उन्होंने भी यूपीएमआरसी के स्टॉल का दौरा किया और उत्तर प्रदेश में शहरी परिवहन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की प्रशंसा की।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में परिवहन का नया अध्याय
सम्मेलन के दौरान यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने “टियर-2 और टियर-3 शहरों में गतिशीलता के विकल्प (Mobility Options in Tier-2 and Tier-3 Cities)” विषय पर आयोजित सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं ने न केवल यातायात व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप दिया है, बल्कि आम नागरिकों के जीवनस्तर को भी बेहतर बनाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यूपीएमआरसी का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी पर्यावरण–अनुकूल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बना यूपीएमआरसी स्टॉल
यूएमआई एक्सपो में यूपीएमआरसी का स्टॉल लगातार दर्शकों का केंद्रबिंदु बना रहा। यहां लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो ट्रेनों के आकर्षक मॉडल्स, अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित इंटीरियर डिज़ाइन, यात्री सुविधाएं और स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम जैसी नवाचारों की झलक प्रस्तुत की गई।
स्टॉल पर कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति, सस्टेनेबल एनर्जी उपयोग, और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया। दर्शकों को यह अनुभव हुआ कि यूपीएमआरसी केवल मेट्रो निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी गतिशीलता को “ग्रीन, स्मार्ट और सस्टेनेबल” बनाने की दिशा में अग्रसर है।
प्रदर्शनी के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने यूपीएमआरसी टीम से बातचीत की और उसके समयबद्ध निष्पादन, तकनीकी दक्षता, और पर्यावरण–संतुलित दृष्टिकोण की सराहना की।
उत्तर प्रदेश मेट्रो: विकास और विश्वास का प्रतीक
यूपीएमआरसी ने अब तक लखनऊ मेट्रो को सफलतापूर्वक परिचालन में लाकर देश की सबसे तेज़ी से पूरी हुई मेट्रो परियोजना का उदाहरण पेश किया है। वहीं कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाएं भी रिकॉर्ड समय में विकसित होकर उत्तर प्रदेश को शहरी परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं।
गुरुग्राम में आयोजित इस सम्मेलन में यूपीएमआरसी की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब न केवल जनसंख्या के मामले में सबसे बड़ा राज्य है, बल्कि आधुनिक शहरी परिवहन तकनीक में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।