कानपुर, दादा नगर कोऑपरेटिव इस्टेट सभागार में शनिवार को सहज योग की एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लेकर न केवल ध्यान की विधियों को सीखा, बल्कि आत्मशांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी प्राप्त किया।
कार्यशाला में योग-विशेषज्ञों ने सहज योग के अभ्यास की तकनीक, इसके मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक लाभों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि सहज योग एक सरल, सहज और वैज्ञानिक ध्यान पद्धति है, जिसकी स्थापना परम पूज्य माताजी निर्मला देवी ने वर्ष 1970 में की थी। यह ध्यान विधि व्यक्ति के भीतर स्थित कुंडलिनी ऊर्जा के जागरण के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार का अनुभव कराती है, जिससे मनुष्य में आंतरिक शांति, एकाग्रता, आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन की वृद्धि होती है।
योग प्रशिक्षकों — अरुणेश दीक्षित, मयूर धात्रक, राहुल, नेहा तिवारी, मनोज कुमार दीक्षित और वरलक्ष्मी — ने उपस्थित जनों को ध्यान की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया और बताया कि नियमित अभ्यास से स्मरण शक्ति, निर्णय क्षमता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन विजय कपूर ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल कर्मचारियों और उद्यमियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि कार्यक्षेत्र में लचीलापन, सकारात्मकता और बेहतर टीम समन्वय को भी प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में सहज योग जैसे अभ्यास लोगों को तनावमुक्त और उत्पादक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
योग विशेषज्ञों ने बताया कि सहज योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति में चिंता और अवसाद में कमी, एकाग्रता में वृद्धि, शारीरिक ऊर्जा में सुधार तथा सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में संतुलन जैसे अनेक लाभ देखने को मिलते हैं।
आयोजन में विजय कपूर के साथ बलराम नरूला, प्रवीन पुरी, दिनेश कुशवाहा, बसंत लाल विश्वकर्मा, अमित घई, राजेश कत्याल, अनूप कुशवाहा, अर्पित अवस्थी, अरुण जैन, अवधपाल सिंह, भारत पाल सिंह, गुरविंदर सिंह ‘गप्पी’, हरि किशन, हरेन्द्र सिंह डिम्पल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी और व्यवसायी उपस्थित रहे। सभी ने सहज योग के माध्यम से मानसिक शांति और सकारात्मकता का अनुभव किया तथा इस पहल की सराहना की।