वंदे मातरम भारत की आत्मा का महामंत्र” — 150 वर्ष पूर्ण होने पर कानपुर में होगा भव्य सामूहिक गान और प्रदर्शनी

कानपुर,
“वंदे मातरम भारत का गीत नहीं, आत्मा का महामंत्र है।” — यह उद्गार भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित तथा दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने नवीन मार्केट स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम वह अमर स्वर है जिसने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारत को आज़ादी की राह दिखाई। जब-जब भारत माता पर संकट आया, यह गीत हर भारतवासी के हृदय में नई ऊर्जा, साहस और एकता का संचार करता रहा। यह केवल मातृभूमि की स्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति श्रद्धा, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के हर आंदोलन, सत्याग्रह और बलिदान में यही गीत प्रेरणा स्रोत रहा।

नेताओं ने बताया कि वंदे मातरम नवभारत के उस संकल्प का प्रतीक है जिसमें प्रत्येक नागरिक भारत माता के प्रति श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना को जीवित रखता है। यही भावना भारत को वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश वाहक के रूप में विश्व में प्रतिष्ठा दिलाती है।

इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख नारा बना। बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी इसी गीत से प्रेरणा पाते थे। 1923 में काकीनाडा कांग्रेस अधिवेशन में जब पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को वंदे मातरम गाने के लिए आमंत्रित किया गया, तब कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई थी। 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में हटाने का निर्णय लिया।

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की मानसिकता पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वंदे मातरम को लेकर नकारात्मक रुख दिखाया। यहां तक कि 2019 में मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सचिवालय में वंदे मातरम गाने पर प्रतिबंध तक लगा दिया था।

क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रव्यापी उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की भूमिका को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में वर्षभर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में कानपुर महानगर में 7 नवम्बर को प्रातः 11 बजे बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, बेनाझाबर में हजारों भाजपा कार्यकर्ता और नागरिक एक साथ वंदे मातरम का सामूहिक गान करेंगे। साथ ही एक विशाल प्रदर्शनी लगाई जाएगी जिसमें वंदे मातरम की ऐतिहासिक और साहित्यिक यात्रा प्रदर्शित होगी।

इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर निबंध, कविता और चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

प्रेस वार्ता का संचालन जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन भारत माता के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनेगा। प्रेस वार्ता में विधायक महेश त्रिवेदी, सुरेन अवस्थी, कार्यक्रम संयोजक अनुपम मिश्र, अनुराग शुक्ला, सतेंद्र पांडेय, मनीष त्रिपाठी और प्रशांत त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।

नेताओं ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एक स्वर में वंदे मातरम गान में सम्मिलित होकर भारत माता के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,J news India में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9044953076,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद