राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर ने 100वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, नवाचार व अनुसंधान पर दिया जोर

कानपुर। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर ने अपने 100वें स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय एवं नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने संस्थान में 350 बेड वाले नए आवासीय भवन और केंद्रीकृत मेस का शिलान्यास किया।

अपने संबोधन में मंत्री ने संस्थान के 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि शर्करा उद्योग देश की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शर्करा संस्थान न केवल तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र है, बल्कि नवाचार और सतत विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने संस्थान के शोध प्रयासों जैसे टिशू कल्चर प्रयोगशाला, रोग-मुक्त और जलवायु अनुकूल गन्ने की किस्मों का विकास, और स्वीट सोरगम के माध्यम से इथेनॉल उत्पादन पर जोर दिया।

मंत्री ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के साथ समझौते पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत संस्थान में नए स्नातक और एम.टेक. पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल शर्करा क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा को नई दिशा देगी।

कार्यक्रम में प्रगतिशील गन्ना किसानों का सम्मान किया गया, जिन्हें शर्करा उद्योग की रीढ़ बताया गया। इसके अलावा, तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार के लिए प्रतिष्ठित “शर्करा पुरस्कार” प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मंत्री ने “चीनी दर्पण पोर्टल” लॉन्च किया, जो मासिक चीनी कोटा जारी करने में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल घरेलू चीनी आपूर्ति और गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगा।

सहकारी चीनी मिलों की उत्पादकता और वित्तीय क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत मक्का और सावल जैसे अनाजों का उपयोग करके मौजूदा मन्ना-आधारित एथेनॉल संयंत्र को मल्टी-कीड आधारित संयंत्र में परिवर्तित किया जाएगा। इस योजना के तहत 6 सहकारी चीनी मिलों को सैद्धांतिक अनुमोदन पत्र प्रदान किए गए।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सचिव श्री संजीव बीपड़ा ने कहा कि शर्करा उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार संस्थान के पुनर्गठन पर गंभीरता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर सांसद देवेंद्र सिंह ओले, लक्ष्मी नारायण चौधरी, गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, विधायक श्रीमती नीलिमा कटियार, अरुण पाठक, सदस्य, उत्तर प्रदेश विधान परिषद और अश्विनी श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव (शुगर एवं मूवमेंट) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संस्थान की निदेशक प्रो. सीमा परोहा के धन्यवाद प्रस्ताव से हुआ।

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