अब थानों में मूक-बधिर व्यक्तियों को नहीं होगी समस्या, प्रशिक्षित पुलिस कर्मी समझ सकेंगे बधिर व्यक्तियों की भाषा
कानपुर। मूक-बधिर व्यक्तियों को अब थानों में अपनी समस्याएँ बताने में कठिनाई नहीं होगी। पुलिस कर्मियों को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण देकर इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था की पहल पर पुलिस प्रशासन व दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आज अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर पुलिस आयुक्त कान्फ्रेंस सभागार, सिविल लाइंस में कानपुर नगर के सभी थानों से आए उप निरीक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। शिविर का उद्घाटन जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी एवं पुलिस लाइन प्रतिसार निरीक्षक चन्द्र प्रताप सिंह ने किया जबकि समापन पुलिस उपायुक्त महेश कुमार ने किया। इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विनय उत्तम और दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विनय उत्तम ने कहा कि—
“दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील है। सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण शिविर की आवश्यकता हर क्षेत्र में है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और सरकारी संस्थान व आम जनता मूकबधिर व्यक्तियों की भाषा समझकर उनकी मदद कर सकेंगे। हमारा प्रयास होगा कि भविष्य में विद्यालयों व संस्थानों में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से चलाए जाएँ ताकि मूकबधिर व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाया जा सके।”
वहीं, दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण का लाभ सीधा मूकबधिर व्यक्तियों तक पहुँचेगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का अवसर मिलेगा।
पुलिस उपायुक्त महेश कुमार ने न केवल कार्यक्रम का समापन किया बल्कि स्वयं भी प्रशिक्षण लिया। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि थानों में आने वाले मूक-बधिर दिव्यांगजनों की मदद के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी थानों में सांकेतिक भाषा संबंधी पैम्पलेट लगाने के आदेश भी दिए, ताकि पुलिस कर्मी आसानी से संवाद कर सकें।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिस कर्मियों को बुनियादी से लेकर आवश्यक संकेत सिखाए। राहुल सचान, शालिनी श्रीवास्तव, वीरेन्द्र शुक्ला, सौरभ श्रीवास्तव और सौरभ अग्रवाल ने मिलकर पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
इस कार्यक्रम से न केवल पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि मूक-बधिर व्यक्तियों के मन में यह विश्वास भी जगेगा कि पुलिस प्रशासन उनकी समस्याओं को समझने और हल करने के लिए संवेदनशील है।