कानपुर। गंगा नदी में आई बाढ़ का कहर अब पूरे कानपुर, उन्नाव, शुक्लागंज और बिठूर क्षेत्र में फैल चुका है। तेज बारिश और गंगा के उफान के कारण 30 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मुख्य मार्ग गंगा के तेज बहाव की वजह से कट गए हैं, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। गंगा बैराज रोड पर लगभग चार हजार परिवारों को जिला प्रशासन के शिविरों में रोका गया है। पानी के बढ़ने के कारण गंगा कटरी में बिजली काट दी गई है। ग्रामीण इलाकों से सामान लाने के लिए ट्रैक्टर और नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शिविरों में बच्चों सहित परिवार के लोग बेसहारा और परेशान स्थिति में बैठे हैं। बैकुंठपुर मार्ग से बैराज तक की एक लेन सड़क पर यातायात बंद कर दिया गया है।
बाढ़ से बिगड़े हालातों को देखते हुए समाजसेवी संस्थाओं ने मदद का हाथ बढ़ाया है। गुरुवार को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी और रोटरी क्लब कानपुर सूर्या द्वारा बाढ़ पीड़ितों को 1,000 लंच पैकेट वितरित किए गए। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।
लोगों ने इस कठिन समय में बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की। उनका कहना था कि बाढ़ के कारण गंगा कटरी के हालात बेहद खराब हैं और लोगों को खाने, दवाइयों और रहने की गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में सभी को दिल खोलकर मदद करनी चाहिए क्योंकि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद करना सबसे बड़ी सेवा है और हर संभव सहयोग देना चाहिए।
कानपुर में बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरण